आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है? (What is Artificial Intelligence in Hindi ?)

आजकल हम ऐसी लाइफ जी रहे हैं जहाँ विज्ञान और तकनीकी ने हमारे जीवन को काफी आसान कर दिया है। आज के समय में आप सारे काम घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं।

यदि आपके पास पैसे हैं तो आप किसी भी काम को बिना कहीं भाग दौड़ कर घर बैठे कर सकते हैं। हमारे आस पड़ोस या घर में प्रयोग की जाने वाली कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सब तकनीकी की ही देन है। विज्ञान के क्षेत्र में सबसे बड़ा आविष्कार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को माना जाता है।

2019 में चीन की प्रमुख टीवी न्यूज़ चैनल Xinhua ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला एंकर अप्वॉइंट किया है। इस खबर की पुष्टि आप http://www.xinhuanet.com/english/2019-06/15/c_138146148.htm वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक प्रकार का रोबोटिक सिस्टम है यानी आप किसी रोबोट को जो कमांड देंगे वह उसे ही फॉलो करता है ठीक उसी प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी होता है कि आप उसे जो भी कमांड देंगे वह उसे ही फॉलो करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपना खुद का कोई मस्तिष्क नहीं होता है बल्कि एक इंसान उसे कंट्रोल करता है।

जैसे यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला न्यूज़ एंकर लाइव एंकरिंग कर रहा है तो वह उतनी ही चीजें बोलेगा जितनी चीजें उसे पढ़ने को दी जाएगी। यदि उसे कमांड देने में किसी प्रकार की गलती होती है तो वह भी गलती करेगा लेकिन यदि आपने उसे सही कमांड दिया है तो वह किसी प्रकार की कोई गलती नहीं करेगा। विज्ञान के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास काफी तेजी से हो रहा है।

 Artificial Intelligence meaning in Hindi

artificial intelligence meaning in hindi

साधारण भाषा आर्टिफीसियल इंटेल्लिएन्स का मतलब है कृत्रिम बुद्धिमत्ता .

जिस तरह से किसी इंसान के पास सोचने समझने और तर्क करने की क्षमता होती है तो उसे इंटेलिजेंस कहा जाता है। ठीक उसी प्रकार यदि किसी मशीन में कमांड लेने और उसी अनुसार काम करने की क्षमता विकसित कर दिया जाए तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करते हैं। हिंदी भाषा में इसे कृत्रिम बुद्धिमता कहा जाता है।

जैसा कि कृत्रिम शब्द से ही स्पष्ट है कि इसे किसी मनुष्य द्वारा तैयार किया गया है। किसी रोबोट या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन के पास मनुष्य जैसी सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है बल्कि उसे जितना कहा जाता है वह उतना ही काम करता है। तकनीकी भाषा में कहा जाए तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पूरा कंट्रोल किसी एक मनुष्य के हाथ में रहता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत कब और कैसे हुई? (When & How Artificial Intelligence  Started?)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत 1950 में ही हो गई थी लेकिन असल मायने में 1970 में इसकी जरूरत को समझा गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में जापान सबसे आगे है। जापान से ही सबसे पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत हुई थी।

जापान ने 1981 में 5वीं पीढ़ी (5th Generation) नाम के एक योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना में सुपर कंप्यूटर के विकास को 10 वर्षीय कार्यक्रम में लाया गया और इसके विकास को महत्व दिया गया।

जापान के बाद अन्य देश भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया और इसके विकास की ओर ध्यान देना शुरू किया। ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के लिए एल्वी नामक एक प्रोजेक्ट लांच किया था।

इसके बाद यूरोपियन यूनियन ने एस्प्रिट नाम का एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को बढ़ावा मिल सके। 1983 में कुछ निजी संस्थानों ने भी बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) के विकास के लिए सूक्ष्म वैद्युतिकी और कंप्यूटर तकनीक की स्थापना की।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार (Types Of Artificial Intelligence):

Theory of Mind:

अभी तक मन के सिद्धांत वाले प्रकार तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल अपने शुरुआती चरणों में हैं। यह सेल्फ-ड्राइविंग कारों जैसी चीजों में देखे जा सकते हैं। इस प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मनुष्यों के विचारों और भावनाओं के साथ बातचीत करना शुरू करता है। आजकल गूगल वॉइस असिस्टेंट, एलेक्सा और सिरी जैसी तकनीक इसी का आधार है।

Reactive Machines:

इस प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन काफी सरल होती हैं क्योंकि इसमें किसी भी मेमोरी को स्टोर करने का फीचर उपलब्ध नहीं रहता है। इसमें भविष्य में किए जाने वाले काम और भूत में किए गए कामों का प्रमाण उपलब्ध नहीं होता है। इस प्रकार की मशीन केवल कमांड पर काम करती हैं।

Limited Memory:

इस प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मेमोरी बिल्कुल ही सीमित होती है। इसमें खुद से किसी प्रकार की सोचने और समझने की क्षमता नहीं होती है पुलिस स्टाफ इसे जितना कमांड दिया गया रहता है वह सिर्फ उसी के अनुसार काम करती है। सेल्फ-ड्राइविंग कारों में इसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन का प्रयोग किया जाता है।

Self Aware:

अभी तक इस तरह की तकनीक का विकास नहीं हुआ है लेकिन विज्ञान के बढ़ते प्रगति को देखते हुए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को देखते हुए ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि आगे चलकर इस तरह के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन का विकास हो जाएगा जिसमें खुद के सोचने समझने की क्षमता हो।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभ (Benifites of Artificial Intelligence in Hindi):

उद्योग-व्यापार में लाभ:

यदि आपने किसी ऑनलाइन सर्विस वाली वेबसाइट पर लाइव चैट किया होगा तो देखा होगा कि जैसे ही आप लाइव चैट में एंटर करते हैं तुरंत ही एक रिप्लाई आता है। इससे कस्टमर को लगता है कि जल्द ही कस्टमर केयर अधिकारी आपसे बात करेगा। यही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्योग और व्यापार में लाभ है।

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में:

स्वास्थ सेवा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग काफी अधिक हो रहा है पुलिस स्टाफ इसकी मदद से अस्पतालों में ऐसी मशीनें आ चुकी है जिसकी मदद से किसी बीमारी का खुद से ही चेकअप हो जाता है। इससे मिले आंकड़ों से डॉक्टर दवाइयां देता है और इलाज शुरु करता है।

शिक्षा के क्षेत्र में:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शिक्षा के क्षेत्र में और भी विकास हो सकता है। इसकी मदद से छात्रों को उन चीजों के बारे में जानकारी मिल सकेगी जिन्हें वे जानना चाहते हैं। इस तकनीकी से छात्रों का काफी समय भी बचेगा।

विनिर्माण के क्षेत्र में:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विनिर्माण क्षेत्र में काफी योगदान है। किस की मदद से बहुत ही कम समय में अधिक चीजों का उत्पादन किया जा सकता है और उसे सही ढंग से व्यवस्थित किया जा सकता है।

 

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हानि (Loss Of Artificial Intelligence):

  •       आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे बड़ी हानि यह है कि यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। क्योंकि यह ई-कचरा पैदा करता है जो कभी नष्ट नहीं हो पाता है।

 

  •       आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास से लोग काफी आलसी हो चुके हैं जिसके चलते उनके शरीर में कई सारी बीमारियां होने लगती हैं।

 

  •       मशीनों के विकास से रोजगार में भी काफी कमी आ गई है। क्योंकि पहले जो काम 10 व्यक्ति मिलकर करते थे वह काम अकेले एक मशीन कर देता है।

 

  •       आज के समय में हम मशीनों पर जितना ही निर्भर होंगे हमारे सोचने समझने की क्षमता उतनी ही क्षीण होती चली जाएगी। धीरे-धीरे यह क्षति आ जाएगी की मशीनें हम से बेहतर काम करेंगे और इंसानों को काम करने की जगह नहीं बचेगी।

 

  •       आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या मशीनों का इस्तेमाल अच्छी चीजों के लिए किया जाता है लेकिन यदि किसी तरीके से उसे गलत कमांड दे दिया गया तो वह पूरी चीजें बर्बाद कर सकते हैं। इतना ही नहीं हुआ जन समुदाय को भी हानि पहुंचा सकते हैं

निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में हमने Artificial Intelligence in Hindi में पूरी तरह से जानकारी दी है। इसके अलावा हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभ और इसके हानि के बारे में भी पूरी तरह से समझाया है। यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।